महोदय/महोदया, मैं, सुलोचना देवी, स्वर्गीय श्री सुभाष चंद की पत्नी और मेरे पति ने 22 जनवरी 2021 को हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड (HARCO Bank) सेक्टर 17बी चंडीगढ़ से ₹5,00,000/- का पर्सनल लोन लिया था। उनके 28 जनवरी 2023 को असामयिक निधन के बावजूद, हमने पूरी ईमानदारी से ₹5,00,825/- का भुगतान किया है, जिसमें 45 मासिक किस्तें (₹10,685/- प्रति माह, कुल ₹4,80,825/-) और अतिरिक्त ₹20,000/- नकद शामिल हैं। यह राशि मूल ऋण से अधिक है। फिर भी, बैंक के रिकॉर्ड के अनुसार, ₹2,36,433.68 (मूलधन) और ₹22,827.91 (ब्याज) बकाया है।मैंने दिनांक 03/06/2025 को OTS के लिए अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया था, जिसे शाखा प्रबंधक ने स्वीकार करने और लिखित जवाब देने से इनकार कर दिया। मैं पुनः निम्नलिखित अनुरोध करती हूँ:पहले से चुकाई गई ₹5,00,825/- को ध्यान में रखते हुए शेष ब्याज (₹22,827.91/-) की पूर्ण माफी।लोन खाते को वन टाइम सेटलमेंट (OTS) के तहत बंद कर हमारी वित्तीय स्थिति अत्यंत दयनीय है। मेरे पति परिवार की एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और मेरी तलाकशुदा पुत्री (दो नाबालिग बच्चों सहित), बेरोजगार पुत्रों मुझ पर निर्भर हैं। मेरे पति ने कोई चल या अचल संपत्ति नहीं छोड़ी, चंडीगढ़ मोहाली पंचकूला में । ना ही हमारे परिवार में से किसी ने गारंटी दी है इस लोन की।
ठAsked by सुलोचना देवी from India
Quick Answer
आपकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, एक बार की निपटान (OTS) योजना का उपयोग करके बकाया राशि को निपटाने के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। आपकी जानकारी के अन
Detailed Legal Analysis
आपकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, एक बार की निपटान (OTS) योजना का उपयोग करके बकाया राशि को निपटाने के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
आपकी जानकारी के अनुसार, बैंक ने आपको ऋण के भुगतान के लिए आवश्यक जानकारी नहीं दी है, और आपकी वित्तीय स्थिति भी बहुत कठिन है। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
- बैंक से संपर्क करें: पहले चरण में आप HARCO Bank के उच्च अधिकारियों से संपर्क करें। अपने सभी दस्तावेज और प्रमाण पत्र तैयार रखें, जिसमें आपकी भुगतान की गई राशि की रसीदें और आपके पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र शामिल हो।
- अन्य अधिकारियों से सहायता लें: यदि शाखा प्रबंधक आपकी मांग को नजरअंदाज कर रहा है, तो आप बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय या मुख्यालय से शिकायत कर सकते हैं। भारतीय बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धाराएं आपको इस संदर्भ में मदद कर सकती हैं।
- आरबीआई के नियमों का संदर्भ लें: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि आप सही दस्तावेज़ और वित्तीय स्थिति प्रस्तुत करते हैं, तो बैंक को OTS के तहत सहमति प्रदान करनी चाहिए।
- लेखित शिकायत दायर करें: आप एक आधिकारिक शिकायत पत्र तैयार करें और उसमें सभी विवरण शामिल करें, जैसे कि भुगतान की गई राशि, आपके पति का निधन, और आपकी आर्थिक स्थिति। इसे उच्च अधिकारियों को दें।
- कानूनी सलाह लें: यदि बैंक आपकी समस्या का समाधान नहीं करता है, तो आप एक वकील से संपर्क करें जो बैंकिंग मामलों में विशेषज्ञता रखते हैं। आपको उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत भी शिकायत करने का अधिकार है।
आपकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने अधिकारों का उपयोग करें और उचित मार्गदर्शन प्राप्त करें। यदि आपकी स्थिति में कोई और जटिलता आती है, तो इसे समझने के लिए कानूनी सलाह लेना सबसे अच्छा होगा।
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